बिमल राय की ‘बंदिनी’ एक प्रेम गीत है

बंदिनी’ विमल राय के निर्देशन में बनी अंतिम हिंदी फिल्म थी। यह फ़िल्म गीतों का एक खूबसूरत संगम है। फ़िल्म

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वो आदमी नहीं मुक्कमल बयान है Do Beegha Zameen 1953

हो जाये अच्छी भी फसल, पर लाभ कृषकों को कहाँ।खाते, खवाई, बीज ऋण से हैं रंगे रक्खे जहाँ॥आता महाजन के

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बिमल रॉय की फिल्म ‘सुजाता’ Story of an untouchable Girl

लोकप्रिय या पॉपुलर सिनेमा का काम मनोरंजन के अतिरिक्त समाज के यथार्थ को उघाड़ना और अपने समय के ठोस प्रश्नों

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बंदीनी स्त्री विषयक सिनेमा का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है

1963 में बिमल रॉय की फ़िल्म बंदिनी आई । इस फ़िल्म का कथानक उन्होने प्रेम को चुना जहां एक डाक्टर

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