अरे ओ सांभा ! कितने आदमी थे।

‘अरे ओ सांभा ! कितने आदमी थे।’ यह संवाद हिंदी सिनेमा के उन खास संवादों में से है जो बच्चे, बूढ़े, जवान ..हर उम्र के व्यक्ति की जबान पर रहता है। सांभा का यह किरदार निभाने वाले अभिनेता थे मैकमोहन। मैक मोहन का असली नाम Mohan Makijany था लेकिन जब वह फ़िल्म इंडस्ट्री में आए तो उनका नाम मैक मोहन हो गया। मैकमोहन साहब क्रिकेट के बड़े दीवाने थे बॉलीवुड में आने के बाद भी उन्होंने क्रिकेट खेलना नहीं छोड़ा। बॉलीवुड के क्रिकेट आयोजन में वे जरूर शामिल होते।

अब कपड़ों को लेकर तो स्टार्स के खूब नखरे होते हैं । हों भी क्यों न! आखिर आपका वार्डरोब आपकी शख्सियत को भी बतलाता है। दिलचस्प बात यह है कि मैक साहब भी अपने वार्डरोब को लेकर बहुत सजग रहते थे। बहुत कॉन्शियस रहते थे। कई बार तो ऐसा होता था कि प्रोडूसर मजाक बनाते हुए उनसे कहते थे कि  ‘Let alone your fee, your wardrobe budget is huge!’  यानि के अपनी फीस तो तुम भूल जाओ, तुम्हारा वार्डरोब का बजट बहोत ज्यादा है ।

जब किसी फिल्म के किरदार के लिए मैक साहब को अपने कपड़े सही नहीं लगते थे तो वे अपने पर्सनल वार्डरोब से कोई कलेक्शन लेते और उसे फिल्मों में इस्तेमाल करते । लोग अक्सर उन्हें ‘कड़क राम’ कहकर बुलाया करते थे क्योंकि वे हमेशा ही बहुत वेल ड्रेस्ड रहा करते थे। किसी की मजाल थी जो उनके कपड़ों पर एक भी सलवट ढूंढकर दिखा दे।

दोस्तों, मजे की बात यह है कि जिस साइज के कपड़े मैकमोहन 40 साल पहले पहना करते थे वही आज भी उन्हें फिट हैं। मैक मोहन हमेशा कहते हैं कि फिल्म में आपके कितने डायलॉग हैं इस बात से फर्क नहीं पड़ता फर्क आपके प्रेजेंटेशन से पड़ता है आपकी प्रेजेंट से पड़ता है।

pic credit google

Matinee Box Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *