‘I BECAME THE LOSER IN BARGAIN ‘ विजेता पंडित

कुछ हार गई तकदीर कुछ टूट गए सपने
कुछ गैरों ने बर्बाद किया कुछ छोड़ गए अपने।

बॉलीवुड में कुछ सितारें ऐसे होते हैं जो भले ही अब फिल्मों में नजर नहीं आते लेकिन वो कुछ ऐसी फिल्में कर जाते हैं कि उनका नाम हमारी यादों में दर्ज हो जाता है। विजेता पंडित का नाम भी उन्‍ही सितारों में से एक है। अपने मासूम-खुशनुमा चेहरे ,अपनी खूबसूरती और अपनी दिलकश अदाकारी से उन्होंने दर्शकों का मन जीत लिया। जी हाँ विजेता पंडित वही चुलबुली नायिका हैं जिन्होंने कुमार गौरव के साथ अपनी पहली ही फ़िल्म लव स्टोरी में धूम मचा दी थी। दोस्तों विजेता पंडित बचपन से ही एक बेहतरीन गायिका बनना चाहती थी लेकिन मौका न मिलने के कारण उन्‍होने फिल्मों में अपना करियर बनाने के बारे में सोचा ।

विजेता पंडित ने एक्टिंग के साथ साथ गायिकी भी की। उन्होंने फ़िल्म जो जीता वो ही सिकन्दर के लिए ‘जवां हूँ यारों, कभी हां कभी ना फ़िल्म के लिए ‘सच्ची ये कहानी है’ और देव फ़िल्म के लिए ‘जब नहीं आये थे तुम’ जैसे पॉपुलर गीत गाये। लेकिन उनका गायकी करियर बहोत छोटा रहा।

विजेता एक जाने माने संगीतज्ञ परिवार से ताल्लुक रखती हैं. उनके पिता प्रताप नरेन पंडित अपने समय के जाने-माने संगीतकार हुआ करते थे। पंडित जसराज उनके चाचा है और संगीतकार की मशहूर जोड़ी जतिन-ललित उनके भाई हैं। तो प्लेबैक के तौर पर अपना करियर बनाने के लिए इससे बेहतर और क्या होगा ? इसके बावजूद कुछ कारण रहे कि विजेता गायकी में खुद को स्थापित नहीं कर सकीं। विजेता को संगीत से बेहद लगाव था । लेकिन विजेता के भाई जतिन-ललित और पति आदेश श्रीवास्तव ने एक गायिका के तौर पर उन्हें ब्रेक नहीं दिया। शायद इसलिए, ताकि कोई यह न समझे कि वो फ़िल्म इंडस्ट्री में अपनी पोजिशन का फायदा उठा रहे हैं! विजेता जी कहती भी हैं ‘I BECAME THE LOOSER IN BARGAIN ‘।

फिर, यह विजेता जी का दुर्भाग्य रहा कि जिन गीतों के लिए पहले उन्होंने डबिंग की जैसे मंसूर खान की ‘जो जीता वो ही सिकन्दर’ उसके लिए बाद में अलका याग्निक से रिकार्डिंग करवा ली गई। तो दोस्तों इस तरह एक खूबसूरत और संभावनाओं से भरी हुई अभिनेत्री विजेता पंडित अपने गायिका होने की इच्छा को पूरा नहीं कर सकीं और एक सिंगर होने का उनका सपना परवान नहीं चढ़ सका।

विजेता जी की निजी जिंदगी भी किसी ट्रेजेडी से कम नहीं रही। पहले कुमार गौरव से असफल प्रेम फिर समीर मलकान से असफल शादी और 2015 में उनके दूसरे जीवनसाथी आदेश श्रीवास्तव जी की कैंसर से मौत..इस तरह एक के बाद एक परेशानियां उन्हें घेरती रहीं। अपनी बहन संध्या के साथ उन्होंने फ़िल्म अपना देश के गीत ‘रोना कभी नहीं रोना’ का कोरस गाया था बहोत दुख हो रहा है आपको यह बताते हुए की उनकी बहन संध्या का भी मर्डर कर दिया गया। इतना ही नहीं उनकी बड़ी बहन सुलक्षणा पंडित गंभीर मानसिक बीमारी या डिप्रेशन से जूझ रही हैं और वे काफी समय से विजेता के साथ ही रहती हैं।

खैर, जिंदगी संघर्ष का दूसरा नाम है और संघर्ष का ही नाम है जिंदगी जीना।

pic credit google

मैटिनी बॉक्स डेस्क

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